सर्दियों की सुबह में ज्यादा होने वाला कातिल रोग ,(हार्ट अटैक)
देश में ह्रदय रोगियों की संख्या में
लगातार इजाफा हो रहा है ,! बुढ़ापे का रोग कही जाने वाली यह बीमारी आजकल युवाओं में भी पनप रही है!यह बेहद चिंता की बात है, वैसे तो ह्रदय रोग पुराने जमाने में भी प्रमुखता से था ,और आज भी सबसे खतरनाक 5बीमारियो में नंबर एक पर है ! पुराने जमाने मे हृदय रोगों का इतनी सटीक निदान नहीं था जितना आज है और ना ही पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं मौजूद थी 2_4गावों में एक वैध जी होते थे जो नाडी पर हाथ रख कर रोग निदान किया करते थे!बीमारी लगने पर ही लोग वैध जी के पास जाते थे,। हृदय रोग छुपा रुस्तम जैसा रोग है ,और प्राय अचानक हमला करके प्राणों को हरने का काम करता है,अता इस रोग की आशंका से अधिकांश लोग अनजान रहने से ईलाज कराने की नही सोचते ही नही थे
लेकिन आज परिस्थितियों पहले से बदल चुकी है ,जहां बदली लाइफ स्टाइल हृदय रोगी बढ़ा रही है , वही इसके निदान एवम् उपचार में क्रांतिकारी बदलाव देखने में आ रहे हैं।
आहार का ह्रदय पर कैसा तथा कितना प्रभाव पड़ता है, व्यक्ति की मानसिक स्थिति दिल पर कितना हावी हो सकती है तथा स्थान और मौसम विशेष का दिल पर कितना असर पड़ता है इन पर काफी रिसर्च हो चुकी है , जिनके नतीजे में अनेकों दिल से जुड़ी बीमारियों की जानकारी सामने आई है ।
दिल पर खाने और मौसम का क्या असर पड़ता है इसी पर आप को जानकारी देंगे
मन जाता है सर्दी का मौसम सेहत के लिए सबसे अच्छा रहता है,इन दिनों आप का हाजमा बेहतर हो जाता है ,आप को कुछ पौष्टिक और भारी खाना भी आराम से हजम हो जाता है , इस लिए सर्दी में पौष्टिक आहार सेवन करने की परंपरा बनी हुई है ,किसी सीमा तक यह तथ्य सही भी है ।इन दिनों मौसम के असर से कई बीमारियां गायब रहती हैं।जब की कई बीमारियां सर उठने लगती है , इस बारे में हुई कुछ रिसर्च से नई जानकारियां मिली हैं।
मेलेनिसोटा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर स्टीफन ग्लेसर के अनुसार सर्दी की सुबह 53फीसदी हार्ट स्ट्रोक की आशंका ज्यादा रहती है हाई ब्लड प्रेशर की गिरफ्त में भी आए लोगों के लिए भी यह समय खतरों से भरा हुआ रहता है ।एक अध्ययन के मुताबिक सर्दी में सुबह के समय सिर में भारीपन महसूस होने का मतलब है कि ब्लड प्रेशर बढ़ा रहा है ।सर्दी में होने वाले 40फीसदी हार्ट अटैक ज्यादातर सुबह होने वाले ब्लड प्रेशर में होने वाली बढ़त की वजह से ही होते हैं ।दरअसल शरीर में होने वाली हर मुसीबत दिल के लिए खतरा बन जाती है । प्रोफेसर स्टीफन के मुताबिक सुबह सुबह ब्लड प्रेशर में होने वाली बढ़त न सिर्फ बुजुर्गों बल्कि युवाओं और यहां तक कि स्कूली बच्चों तक को अपनी गिरफ्त में ले सकता है ।प्रोफेसर स्टीफन का कहना है की शरीर की लय जिसे (सिकार्डियन रिदम ) कहते है बदलते मौसम के साथ बदल जाती है । सर्दियों में नसों में बहता हुआ खून आराम से नही चल पाता ।और दिल पर भारी पड़ने लगता है। नतीजतन इस पर काबू पाने के लिए दिल को औसत से ज्यादा काम करना पड़ जाता है । जिससे वह थक जाता है रिपोर्ट के अनुसार इन दिनों होने वाले हार्ट अटैक अन्य ऋतुओं की उपेक्षा अधिक होते हैं।जो बच जाते हैं उनके दिल की मांसपेशियां बुरी तरह डैमेज हो जाती है । ऐसी हालत में दिल को कैसे सेहतमंद रखा जाए।यह एक अहम सवाल है इसका जवाब मिलेसोटा यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट में बताया गया है , जिसके मुताबिक सर्दी में लोगों को अपनी लाइफ स्टाइल में बदलाव कर लेना चाहिए । खास बात यह है की काम खाएं गम खाएं और अपना मोटापा कम करें ,मानसिक तनाव को बिल्कुल हावी न होने दें,अगर ब्लड प्रेशर या दिल की दवा लेते है तो उसे नियमित लेते रहे। सुबह जरूर टहलें मौसम के फल और सब्जियों का पर्याप्त मात्रा में सेवन करें। ठूंस ठूंस कर न खाएं शाम को खाना सोने के 3घंटे पहले ही खा लें फिर थोड़ी देर देर धीमी चाल से टहलें । अपने जीवन साथी से प्यार करें और तनाव चिंता गुस्से से दूर रहें यह जानकारी कैसे लगी आप लोगों को कमेंट में जरूर बताएं
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