जोड़ो के दर्द में मेथी के फायदे

मेथी के कुछ प्रयोग ईश्वरेश्वर की बनायी दुनिया में मेथी जैसी औषधि शायद ही कोई और हो आयुर्वेदाचार्यों ने हर जगह आसनी से मिलने वाली मेथी के बारे में विस्तार से बताया है आयुर्वेद की किताबों में लिखा है, मेथी वाटा को शांत करती है! और कफ व बुखार को दूर करती है! मेथी को heart को लभकारी, हल्की रुचा रस में कडवी, चरपरी गरम बलकारक तथा ज्वर अरोचक वमन वात रक्त काफ खांसी बवासीर कृमि और शुक्रनाशक बताया गया है! मेथी काफ और वात परकीर्ति वालों को हितवहा है! मेथी का कार्यक्षेत्र मुख्य पचन संस्थान तथा गौड़ क्षेत्र रक्तादि धातु और वात  नदी है!या अमाशय यकृत अंतो रक्त प्रवाह और वात नादियों पर उत्तेजक प्रभाव दृष्टि है मुंह में बनी रहने वाली मिठेपन की शिकायत इसके सेवन से दूर हो जाती है अमाश्य का 
रस भडने लगता है ! और उससे ताकत मिलती है!  अमाश्य की  मंथन क्रिया में तेजी आती है! विभिन्ना वात रोगो में मेथी की विविध कल्पनाओं का सेवन भारतीय समाज में प्राचीन काल से हो रहा है आज भी घर के बुजुर्ग सर्दी के मौसम में मेथी के लड्डू प्रयोग करते हैं चलिये अब आपको बताते हैं जोड़ दर्द के साथ मेथी के कुछ  प्रयोग मेथी के पत्ते का रस निकल कर पिज़िये और मेथी दानो को महिन पीस कर सुबह शाम गरम पानी से 6ग्राम इस्तेमल करें ! और एक अनोखा प्रयोग रोज रात को 15 ग्राम मेथी दाना माहिन कर के एक गिलास में भीगो दे! सुबहइन्हे छान कर गरम कर के दूध मिला कर पी लें मेथी का यह प्रयोग कोलाइट्स शुगर (मधुमेह) और जोड़ के दर्द में फ़ायदेमंद है 

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